Assets and Liabilities Meaning In Hindi – उदाहरण से समझें

Assets and Liabilities Meaning In Hindi : आपने लोगों को कई बार Asset और Liabilities के बारे में बात करते हुए जरूर होगा जब भी फाइनेंस या फिर Account की बात आती है तो लोग एसेट और Liabilities के बारे में बात करते है I अगर आप Commerce के स्टूडेंट है या फिर शेयर बाजार में निवेश करते है या करना चाहते है तो आपको कंपनी के बैलेंस शीट को पढ़ने आना चाहिए इसलिए आपके लिए Assets और Liabilities के बारे में जानना बहुत ही इम्पोर्टेन्ट हो जाता है  आज मैं आपको Assets और Liabilities के बारे में पूरा A to Z जानकारी दूंगा I आज आप Assets और Liabilities क्या है कितने प्रकार के होते है इसके क्या क्या उदाहरण है पूरा डिटेल में जानेंगे I

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Assets and Liabilities Meaning In Hindi

Assets और Liabilities को समझना बहुत ही आसान है जब भी आप कोई बिजनेस शुरू करते है तो आपको उस बिजनेस को चलाने के लिए कैपिटल, रुपयों की जरूरत होती है वो रुपए आप अपने बिजनेस में या तो खुद निवेश करते है या फिर आप कर्ज लेते है जो अपने कर्ज लिया है उसे Liabilities कहा जाता है I

 Liabilities का मतलब होता है देनदारी यानी जिसे हमें आज नहीं तो कल उसके मालिक को लौटाना है जैसे कि बैंक का कर्ज और इसी कर्ज के पैसो से जब आप अपने बिजनेस के लिए कोई संपत्ति खरीदते है तो इस संपत्ति को ही Assets कहा जाता है I

 

Assets and Liabilities Meaning In Hindi

Assets and Liabilities Meaning In Hindi को और ज्यादा अच्छे से समझने के लिए चलो इसे एक एक करके देखते है और Example के माध्यम से समझते है I

Asset क्या है ?( What is assets in Hindi )

Assets Meaning In Hindi जैसे कि ऊपर बताया गया है एसेट वे Resource होते है जिसे कोई इंडिविजुअल व्यक्ति या कंपनी कण्ट्रोल करता है जो की उस कंपनी या व्यक्ति के लिए पैसे कमाने में मदद करता है तो उसे हम एसेट कहते है I 

जब कोई कंपनी बिजनेस के लिए किसी जमीन को खरीदकर उसमे फैक्ट्री लगाती है और उसमे महंगे महंगे मशीन लगाती है तो ये सारी जमीन, फैक्ट्री, मशीन कंपनी के लिए Assets कहलायेंगे क्योंकि इस Assets का मालिक कंपनी है और इसी फैक्ट्री और मशीन के कारण ये कंपनी पैसे कमा रही है तो ये सारी संपत्ति कंपनी का Asset हो गया I और जब भी कंपनी इन सबको बेचना चाहे तो भी उनको इसके बदले पैसे मिलेंगे I

एसेट के कई सारे उदाहरण है चलिए एक एक करके देखते है 

Asset के उदाहरण :

  • जमीन, मकान – अगर किसी कंपनी के पास जमीन या फिर मकान है तो ये सब इसके लिए एसेट कहलायेंगे I
  • प्लांट और मशीन – अगर किसी कंपनी के पास मशीन है तो ये भी कंपनी लिए एसेट होगा क्योंकि कंपनी इसी एसेट से प्रॉफिट कमा रही है और अगर कल इन एसेट को बेचना भी चाहे तो कंपनी को इसके बदले में पैसे मिलेंगे I
  • स्टॉक और म्यूच्यूअल फण्ड  – अगर कंपनी किसी दुसरे कंपनी में शेयर मार्केट के द्वारा निवेश किया है तो भी उसे हम Assets मानेंगे क्योंकि स्टॉक निवेश से Return और Dividend के द्वारा कंपनी को फायदा हो रहा है I
  • Cash & बैंक बैलेंस – अगर कंपनी के पास Cash रखा है या फिर किसी बैंक में इनके पैसे जमा है तो फिर इसको एसेट माना जाएगा I
  • ज्वेलरी, FD ( Fixed Deposit ) अगर कंपनी अपने पैसे का फिक्स्ड डिपॉजिट किया है या ज्वेलरी कंपनी के पास रखा है तो ये भी Assets होगा I
  • बिल Receivable – अगर कंपनी ने किसी को उधार में माल बेचता है और उसका पैसा आने को है तो ये भी कंपनी के लिए Assets कहलायेगा I
  • सॉफ्टवेयर या पेटेंट – अगर कंपनी के पास कुछ ऐसा सॉफ्टवेर है या पेटेंट है जिससे कंपनी पैसे कमा रही है और उसे बाद में बचने से पैसे आयेंगे तो ये भी कंपनी के लिए Assets होगा I

Assets के प्रकार (Types of Assets):

Assets को 4 भागो में बांटा जा सकता है 

समय अन्तराल के हिसाब से Assets के दो प्रकार होते है 

  1. Current Asset or Short Term Asset 
  2. Non Current Asset or Long Term Asset 

इसी प्रकार से भौतिक अवस्था के हिसाब से एसेट के दो प्रकार होते है इसके अंतर्गत Long Term Asset और Short Term एसेट दोनों आ जाता है फिर इन एसेट को हम Tangible और Intangible के आधार पर अलग करते है

  1. Tangible Assets
  2. Intangible Assets
1 Current Asset Or Short-Term Asset 

Short-Term Asset यानी कम समय के लिए संपत्ति  शॉर्ट टर्म एसेट में वे एसेट या संपत्ति आती है जो एक साल या उससे भी कम समय में प्रॉफिट या Case में बदला जा सकता है I उदाहरण के लिए अगर अपने किसी कंपनी के शेयर में 6 Month के लिए निवेश किया है और ये पैसा आपको 6 Month में मिलने वाला है तो इस एसेट को आप शोर्ट टर्म एसेट कहेंगी ठीक उसी प्रकार अगर आपके फैक्ट्री में कोई प्रोडक्ट बनकर रखा है और वो प्रोडक्ट अगले 3 – 4 महीनो में बिक जाएगा और आपके पास पैसे आ जायेंगे तो ये भी आपके लिए एक शोर्ट टर्म एसेट ही कहलायेगा I 

Short-Term Asset Examples:

  • शॉर्ट टर्म इन्वेस्टमेंट – अगर आपके किसी कंपनी में 1 ईयर से कम समय के लिए इन्वेस्ट किया हो तो ये शॉर्ट टर्म एसेट होगा I
  • Account Receivable – अगर आपने, अपनी कंपनी के प्रोडक्ट किसी दुसरे व्यापारी को उधार में दिया है और उनसे पैसे 1 साल से पहले आना हो तो ये भी शॉर्ट टर्म एसेट होगा I 
  • Case – अगर कंपनी के पास Case है तो ये फिर Short Term Asset में आएगा I 
  • इन्वेंटरी I
  • एडवांसेज और शॉर्ट टर्म लोन – अगर कंपनी ने अपने किसी Employee को सैलरी का पैसा एडवांस के तौर पर दिया है या फिर किसी दुसरे कंपनी को कम समय के लिए लोन दिया हुआ है तो ये भी शॉर्ट टर्म एसेट में आ जाएगा I
2 Non-Current Asset Or Long-Term Asset 

Long Term Asset में ऐसी संपत्ति आती है जिसको किसी कंपनी या किसी व्यक्ति ने लम्बे समय के लिए खरीदा है और जिससे वो कंपनी लम्बे समय तक पैसा कमाना चाहता है उसे हम लॉन्ग टर्म एसेट कहेंगे I लॉन्ग टर्म एसेट के उदाहरण आप निचे देख सकते है : 

Long-Term Asset Examples:

  • Vehicles – अगर कंपनी के पास वाहन है और इस वाहन को कंपनी के मालिक बिज़नस के लिए यंहा वंहा जाने के लिए यूज़ करते है तो ये वाहन एक लॉन्ग टर्म एसेट होगा क्योकि कंपनी का इस वाहन को अभी बेचने का कोई इरादा नहीं है ये वाहन तभी बेचीं जाएगी जब ये पुरानी हो जाएगी या फिर जब कंपनी पूरी तरीके से दिवालिया हो जाएगी I
  • फर्नीचर – जब कोई कंपनी शुरू होती है तो उस कंपनी में लोगो के बैठने और काम करने के लिए फर्नीचर ख़रीदा जाता है ये भी एक लॉन्ग टर्म एसेट होगा I
  • Land & Building ( जमीन और इमारतें ) – अगर कंपनी के पास जमीन और इमारतें है तो ये भी लॉन्ग टर्म एसेट में आ जायेंगे I
  • मशीनरी और इक्विपमेंट – अगर कंपनी के पास फैक्ट्री है और उस फैक्ट्री में बहुत सारे उपकरण और औजार लगे हुआ है तो ये फैक्ट्री और औजार दोनों ही लॉन्ग टर्म एसेट होंगे I
  • स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट – लम्बे समय के लिए किया गया स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट, Mutual फण्ड इन्वेस्टमेंट 
  • लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट – अगर कंपनी ने किसी दुसरे कंपनी में किसी और तरीके से लम्बे समय के लिए इन्वेस्ट किया है तो इस तरीके के इन्वेस्टमेंट लॉन्ग टर्म एसेट में गिना जाएगा I

ये तो बात हो गयी समय के हिसाब से एसेट अब हम बात करेंगी की किसी सम्पत्ति के भौतिक अवस्था के हिसाब से भी एसेट को दो भाग में बांटा गया है I Tangible Asset के अंतर्गत Long Term Asset और Short term एसेट दोनों आ जाता है फिर इन एसेट को हम Tangible और Intangible के आधार पर अलग करते है

  1. Tangible Asset
  2. Intangible Assets
1 Tangible Assets ( Tangible Assets meaning )

Tangible Asset में वो एसेट या संपत्ति आती है जिसकी भौतिक अवस्था हो यानी की वो एसेट जिसे हम देख या छू सकते है वो सारी एसेट Tangible एसेट के अंतर्गत आता है I उदाहरण के लिए अगर किसी कंपनी का पास जमीन या फैक्ट्री या मशीन या फर्नीचर है तो उसको हम Tangible एसेट कहा जाएगा क्योंकि इन सारी एसेट्स को देखा और छुआ जा सकते है :

Tangible Assets Examples देखे : 

  • Machines ( मशीनरी )
  • Furniture ( फर्नीचर )
  • Land , House (जमीन, घर )
  • Cash ( नगदी रूपए )

ऊपर दिया गया उदाहरण ऐसे एसेट है जिसे आप छु सकते है और अपनी नजरो से देख भी सकते है Tangible एसेट ज्यादातर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के पास ज्यादा होती है I

2 Intangible Assets

Intangible Asset में वे सारे एसेट आ जाती है जिसे हम छू नहीं सकते लेकिन ये ऐसे एसेट होते है जो की कंपनी के लिए पैसे कमा रहें है जैसे की कोई सॉफ्टवेर अगर किसी कंपनी ने कोई सॉफ्टवेयर बनाया है तो उस सॉफ्टवेयर को आप छू नहीं सकते क्योंकि वो किसी मोबाइल या कंप्यूटर या फिर किसी और डिवाइस में इंस्टॉल है लेकिन कंपनी इन सॉफ्टवेर से पैसे कमा रही है इसका सबसे अच्छा उदाहरण है माइक्रोसॉफ्ट, माइक्रोसॉफ्ट ने विंडो Operating सिस्टम को बनाया है तो ये इनके लिए Intangible एसेट्स हो जाते है I क्योकि ये उनसे लगातार पैसे कमा रहे है I

Intangible Assets Examples निचे दिया हुआ है : 

  • Patent – कंपनी के द्वारा कराया गया पेटेंट उसके लिए एसेट होगा I
  • Copyright – 
  • Brand – कई सारी कंपनी का नाम ही उनका ब्रांड होता है I
  • Software – किसी का सॉफ्टवेयर जंहा से उनका Revenue आता हो I
  • Goodwill
  • Trade Marks
  • Special Right – अगर कंपनी ने अपने बिज़नस के लिए कुछ खास राइट्स ले रखें हो तो I

Intangible Asset ज्यादातर IT ( Information technology ) कंपनी के पास होती है क्योकि ये अपने सॉफ्टवेयर और Services के द्वारा ही पैसे कमाते है उनको किसी प्रोडक्ट को Manufacture नहीं करना होता है I

Liabilities क्या है ? ( What is Liabilities in Hindi )

Liabilities Meaning In Hindi का हिंदी में मतलब “ देयता ” होता है यानी कि ऐसा कैपिटल या रूपया जिसे कंपनी या फिर किसी व्यक्ति ने उधार या लोन पर लिए है और आज नहीं तो कल उसको उसके मालिक को लौटना है इसी कोई ही Liabilities या देयता कहते है I इसको आप उदाहरण से समझिए अगर कोई कंपनी या फिर कोई व्यक्ति कोई बिजनेस शुरू करता है तो उनको शुरू में पैसो की जरुरत होगी इस जरूरत को कंपनी का मालिक खुद अपने पैसे डालकर करेगा या फिर किसी बैंक से लोन लेगा तो इस स्थिति में कंपनी के द्वारा लिया गया लोन उसके लिए Liabilities हो जाएगा क्योंकि आज नहीं तो कल उसको बैंक को पैसे के ब्याज के साथ लौटाना है I

Liabilities के उदाहरण

  • Equity – अगर किसी कंपनी में खुद के मालिक ने पैसे डाले है तो इस equity को Liabilities माना जाएगा I
  • Loan – अगर किसी कंपनी ने बैंक या फिर किसी और जगह से लोन लिए है तो इसे भी Liabilitiesकहा जाएगा I
  • Account Payable  – कंपनी ने किसी दुसरे कंपनी से Raw मटेरियल लिया है और उसके पैसे नहीं चुकाए है तो ये भी कंपनी के लिए Liabilities होगा I

Liabilities के प्रकार (Types of Liabilities)

जिस तरीके से हमने Asset को उसके टाइम ही हिसाब से बांटा था उसी तरीके से Liabilities को भी टाइम के हिसाब से दो प्रकार में बता जा सकता है 

1  Current या Short-Term Liabilities

ऐसी Liabilities जिसे एक साल से पहले चुकाना है उस तरीके के Liabilities को हम Current या फिर Short Term Liabilities कहते है Current Liability के उदाहरण देखे – 

  • Loan – अगर कंपनी ने एक साल से कम के लिए लोन लिया है तो इस तरीके के लोन को 1 साल के अन्दर चुकाना होगा और ये लोन इनके लिए Short टर्म Liability होगा I
  • Account Payable – कंपनी के द्वारा उधार में लिया गया मॉल I
2 Non-Current या Long Term Liability 

ऐसे लोन या कर्ज जिसे कंपनी को एक साल के बाद चुकाना है इस तरीके का Liabilities लॉन्ग टर्म Liabilities होगी 

Example –

  • लॉन्ग टर्म लोन 
  • बांड 
  • Pension 

Conclusion:

Assets and Liabilities Meaning In Hindi आशा है की आपको ये समझ आ गया होगा इन सबको अगर शोर्ट में समझे तो Asset उस सम्पति को कहते है जिसका कण्ट्रोल कंपनी के हाथ में होता है ये एसेट कंपनी के लिए पैसे कमाने में मदद करता है इस एसेट को हम समय अवधि के अनुसार दो प्रकार में बाँट देता है 1 Long Term Asset 2 Short Term Asset I इसके बाद आता है Liabilities जिसका मतलब होता है देयता यानि की कंपनी ने कुछ पैसे या किसी प्रोडक्ट को लोन या कर्ज में लिया है जिसे उसे बाद में लौटाना है I Liabilities को भी आप उसके समय के से दो भाग में बाँट सकता है 1 Current Liabilities 2 Non Current Liabilities I

Assets and Liabilities Relate FAQs:

Q: Liabilities कितने प्रकार के होते है?

Ans: Liabilities दो प्रकार के होते है 1 Current Liabilities 2 Non Current Liabilities

Q: Assets का मतलब क्या होता है?

Ans: Assets का मतलब होता है सम्पत्ति जिस सम्पत्ति का मालिक कोई व्यक्ति है और वो सम्पत्ति उस व्यक्ति या फिर कंपनी के लिए पैसे कामने का काम करती है या जिसे बाद में नगदी में बदला जा सकता है ऐसे संपत्ति को एसेट कहेंगे I

Q: ऐसेट ओर लायबिलिटी में क्या अंतर है?

Ans: एसेट वो सम्पत्ति होती है जिसे भविष्य में नगदी में बदला जा सकता है जैसे की घर, जमीन,अदि जबकि लायबिलिटी का मतलब होता है देयता जिसे बाद में जाकर चुकाना पड़ेगा जैसे लोन या कर्ज I

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